बिजली कटौती के दौरान पानी की सप्लाई ठप, जल निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल।
लंबे समय तक विद्युत आपूर्ति बंद रहने पर भी नहीं चलाया जाता जनरेटर।
जनरेटर संचालन को लेकर उठे सवाल, कागज़ों में चलाने के लोगों ने लगाए गंभीर आरोप।
“रिपोर्ट-मौ.गुलबहार गौरी”
रुड़की। मोहनपुरा-मोहम्मदपुर क्षेत्र नगर निगम रुड़की में बिजली की लंबी कटौती के दौरान पेयजल आपूर्ति बाधित होने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र की जनता का कहना है कि जब भी किसी बड़ी विद्युत समस्या के कारण कई घंटे तक बिजली बंद रहती है, तब लोग पूरी तरह जल निगम की पानी सप्लाई पर निर्भर हो जाते हैं। ऐसे समय में जल निगम द्वारा जनरेटर नहीं चलाए जाने से लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ता है।
सोमवार को सुबह करीब 5:30 बजे क्षेत्र की बिजली चली गई। पानी की सप्लाई नहीं आने पर स्थानीय लोगों ने सुबह करीब 11 बजे जल निगम के एई से संपर्क किया। बताया गया कि जनरेटर करीब 15 मिनट में चालू कर दिया जाएगा। करीब एक घंटे बाद दोबारा संपर्क करने पर जनरेटर में डीजल डालने की बात कही गई। इसके बावजूद दोपहर 12:45 बजे तक क्षेत्र में पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निगम द्वारा पानी के बिल के रूप में लगातार करीब 468 से 900 रुपये तक की राशि ली जा रही है, लेकिन बिजली कटौती जैसी परिस्थितियों में वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा रही। लोगों ने आरोप लगाया कि जनरेटर केवल कागजों में संचालित दिखाया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
क्षेत्रवासियों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि जनरेटर व्यवस्था की जांच कराई जाए और यदि अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही विद्युत विभाग और जल निगम के बीच ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि लंबी बिजली कटौती की स्थिति में तत्काल जनरेटर चलाकर पेयजल आपूर्ति सुचारू रखी जा सके।