ऑपरेशन प्रहार में मंगलौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, वारंटी और इनामी बदमाश गिरफ्तार, साथ ही 155 मोबाइल बरामद ।
मंगलौर पुलिस की बड़ी सफलता, 155 मोबाइल बरामद कर लौटाई लोगों की खुशियां ।
रिपोर्ट-मौ. गुलबहार गौरी
मंगलौर (हरिद्वार)। 11 अप्रैल 26-जनपद में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत कोतवाली मंगलौर पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 11 अप्रैल 2026 को पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए जहां 03 वारंटियों को गिरफ्तार किया, वहीं दूसरी ओर लूट के मामले में फरार चल रहे 05-05 हजार रुपये के दो इनामी बदमाशों को भी दबोचने में सफलता हासिल की। इसके साथ ही पुलिस ने तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए बड़ी संख्या में खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर आम जनता के चेहरों पर खुशी लौटा दी।
ऑपरेशन प्रहार के तहत प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मंगलौर द्वारा गठित टीमों ने वारंटियों की गिरफ्तारी हेतु विशेष अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने विनोद कुमार निवासी ग्राम गाधारौणा, परमेन्द्र चौधरी निवासी शास्त्रीपुरम दिल्ली रोड मंगलौर तथा गौरव शर्मा निवासी प्रदीप विहार रुड़की को गिरफ्तार किया। तीनों अभियुक्तों के खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा 135 के अंतर्गत पूर्व से वाद दर्ज थे। पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर इन सभी को गिरफ्तार किया और आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
इसी अभियान के तहत एक अन्य महत्वपूर्ण सफलता उस समय मिली जब लूट की घटना में फरार चल रहे दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। दिनांक 4 अप्रैल 2026 को मंगलौर निवासी एक व्यक्ति से तीन बदमाशों द्वारा लूट की घटना को अंजाम दिया गया था, जिसमें एक आरोपी को पहले ही 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया था। शेष दो अभियुक्त लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस से बचने का प्रयास कर रहे थे। उनकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के आदेश पर टीमों का गठन किया गया और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। एसएसपी हरिद्वार द्वारा दोनों पर 5000-5000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने रोहित उर्फ डोला तथा माठू निवासी ग्राम नजरपुरा को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से लूटी गई धनराशि बरामद की गई, साथ ही पूर्व में की गई चोरी का तांबे का तार भी बरामद हुआ। दोनों अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, जिन पर चोरी, गैंगस्टर एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
वहीं दूसरी ओर मंगलौर पुलिस ने आम जनमानस को राहत देते हुए तकनीकी माध्यम से खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद करने में भी बड़ी सफलता प्राप्त की है। कोतवाली में दर्ज शिकायतों के आधार पर सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर डाटा अपलोड कर पुलिस टीम ने लगातार प्रयास किए। लगभग तीन महीनों की मेहनत के बाद कुल 155 मोबाइल फोन बरामद किए गए। दिनांक 11 अप्रैल 2026 को इनमें से करीब 25 मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रुपये है, उनके असली मालिकों को पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, क्षेत्राधिकारी मंगलौर और प्रभारी निरीक्षक की उपस्थिति में सौंपे गए। अपने खोए मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और कई लोग भावुक होकर उत्तराखंड पुलिस का आभार व्यक्त करते नजर आए।
पूरे अभियान के दौरान पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अशोक सिरसवाल, उपनिरीक्षक वाजिन्द्र नेगी, उपनिरीक्षक नितिन विष्ट, अपर उपनिरीक्षक श्यामबाबू, हेड कांस्टेबल अमित शर्मा, शूरबीर तथा कांस्टेबल मनीष, विनोद वर्तवाल, मोहन और मनदीप सहित अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही।
मंगलौर पुलिस द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन प्रहार लगातार अपराधियों पर शिकंजा कस रहा है और आम जनता में सुरक्षा की भावना को मजबूत कर रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और अपराधियों के खिलाफ इसी प्रकार सख्त कार्रवाई की जाती रहेगी।