ऋषिकेश से रूहानियत के साए में शुरू हुई श्री हेमकुंड साहिब यात्रा


अकीदत, सेवा और अनुशासन का पैग़ाम देती है श्री हेमकुंड साहिब यात्रा : तरनजीत सिंह संधू ।

श्री हेमकुंट साहिब यात्रा 2026 का ऋषिकेश से रूहानी आग़ाज़, अकीदतमंदों में दिखा ज़बरदस्त जोश।

रिपोर्ट-मौ.गुलबहार गौरी

ऋषिकेश – 20 मई 2026 – बुधवार को रूहानी कैफ़ियत, अकीदत और पुरजोश माहौल के दरमियान पवित्र श्री हेमकुंड साहिब यात्रा 2026 का बाकायदा आग़ाज़ हो गया। लक्ष्मण झूला मार्ग स्थित गुरूद्वारा परिसर से पहले जत्थे की रवानगी के साथ ही इस मुक़द्दस यात्रा का शुभारंभ हुआ। इस यादगार और रूहानी मौके पर दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। उन्होंने पंज प्यारों की सरपरस्ती में पहले जत्थे को रवाना कर संगत को मुबारकबाद पेश की और यात्रियों की सलामती के लिए अरदास की।

यात्रा के आग़ाज़ के मौके पर गुरूद्वारा परिसर और दरबार हॉल को फूलों, रंग-बिरंगी रोशनियों और खूबसूरत सजावटी सामान से बेहद शानदार अंदाज़ में सजाया गया था। सुबह सवेरे से ही देश और विदेश से आए श्रद्धालुओं की बड़ी तादाद गुरूद्वारा साहिब में जमा होने लगी थी। हर तरफ़ अकीदत, जोश और इबादत का माहौल देखने को मिल रहा था। तक़रीबन साढ़े ग्यारह बजे गुरूद्वारा ट्रस्ट के अध्यक्ष सरदार नरेन्द्रजीत सिंह बिन्द्रा और दूसरे गणमान्य लोगों ने उपराज्यपाल का गर्मजोशी से इस्तकबाल किया।

मुख्य अतिथि समेत तमाम मेहमानों ने गुरूद्वारा दरबार साहिब में माथा टेका और गुरु महाराज का आशीर्वाद हासिल किया। ट्रस्ट की जानिब से उपराज्यपाल को सिरोपा, प्रसाद और यादगारी निशान पेश कर सम्मानित किया गया। इसके अलावा पंज प्यारों को भी ख़ास तौर पर सम्मान दिया गया। तक़रीब में सिख समुदाय के 8 वर्षीय जीनियस मास्टर रणवीर सिंह सचदेवा को उनकी शानदार और गैरमामूली कामयाबियों पर विशेष तौर पर सम्मानित किया गया, जिसने मौजूद संगत का ध्यान अपनी तरफ़ खींच लिया।

इस मौके पर रागी जत्थों और गुरमत संगीत बाल विद्यालय के विद्यार्थियों ने मधुर गुरबाणी कीर्तन पेश कर पूरे माहौल को रूहानी रंग में रंग दिया। इसके बाद पंज प्यारों की अगुवाई में पहला जत्था रवाना हुआ। फूलों की बारिश, बैंड-बाजों की धुन और “जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के नारों से पूरा इलाक़ा गूंज उठा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर अकीदत, खुशी और जज़्बा साफ़ दिखाई दे रहा था।

अपने ख़िताब में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सिख धर्म की अज़ीम रिवायतों और श्री हेमकुंड साहिब यात्रा की रूहानी अहमियत पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि यह यात्रा महज़ एक धार्मिक सफ़र नहीं, बल्कि सेवा, सब्र, अनुशासन और इंसानियत का पैग़ाम भी देती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से यात्रा की पाकीज़गी और गरिमा बनाए रखने की अपील की और तमाम यात्रियों की सलामती, आरामदायक और बेख़ौफ़ यात्रा के लिए गुरु महाराज के सामने अरदास की।

उपराज्यपाल ने प्रशासन और गुरूद्वारा ट्रस्ट की तरफ़ से यात्रियों के लिए किए गए इंतज़ामात की खुलकर तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सहूलियत, सुरक्षा और सेवा के लिए बेहतरीन प्रबंध किए गए हैं। दोपहर लगभग 1:40 बजे उन्होंने लंगर हॉल में संगत के साथ लंगर प्रसाद ग्रहण किया और उसके बाद रवाना हो गए।

इस पावन और रूहानी मौके पर प्रदीप बत्रा, डॉ. सुरजीत सिंह, फरजाना बेगम, दिल्ली गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के चीफ एडवाइजर चंदोक, स्वामी चिदानंद सरस्वती, हरप्रीत सिंह संधू, डॉ. गीता खन्ना, महापौर शंभु पासवान समेत कई संत-महात्मा, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और देश-विदेश से आए श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम में “गुरसेवक” पुस्तक और डॉ. गुरदीप कौर की किताब “Summary of Krishna Avtar from Dasam Granth Sahib” का भी विमोचन किया गया। आखिर में ट्रस्ट अध्यक्ष सरदार नरेन्द्रजीत सिंह बिन्द्रा ने संगत से यात्रा की पवित्रता बनाए रखने और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »
error: Content is protected !!
Right Menu Icon