ईद-उल-मिलादुन्नबी: मोहब्बत-ए-रसूल का तक़ाज़ा-अमल और किरदार है
यौम-ए-विलादत और यौम-ए-विसाल के मौक़े पर मुहासिबा-ए-नफ़्स का वक़्त। मोहब्बत-ए-रसूल ﷺ: नारों से नहीं, किरदार और अमल से होगी साबित। रिपोर्ट-मौ.गुलबहार गौरी रूड़की-26 अगस्त 2026 आज हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ की विलादत और विसाल से जुड़ा वह मुक़द्दस दिन है, जिसे दुनिया भर के मुसलमान अपनी-अपनी रवायत और अक़ीदत के मुताबिक़ याद करते हैं।…


