ये गट्टू है कौन जो सरकार पर भारी है ,हरीश रावत का भाजपा सरकार पर तीखा हमला


ये गट्टू है कौन जो सरकार पर भारी है ,हरीश रावत का भाजपा सरकार पर तीखा हमला

नारी के सम्मान के लिए सरकार बेबस? पूर्व मुख्यमंत्री ने उठाए गंभीर सवाल

रिपोर्ट: मौ. गुलबहार गौरी

हरिद्वार | 4 जनवरी 2026

अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वीआईपी प्रकरण को लेकर उत्तराखंड की सियासत में उबाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस पार्टी इस मामले में लगातार भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा कर रही है। इसी सिलसिले में हरिद्वार में सीबीआई जांच की मांग को लेकर कांग्रेस ने एक बड़ा पैदल मार्च निकाला, जिसे ‘न्याय यात्रा’ का नाम दिया गया। शिव मूर्ति चौक से शुरू होकर हर की पैड़ी तक निकली इस यात्रा में कांग्रेस के सैकड़ों नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इस विरोध प्रदर्शन में शामिल पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कई अहम और चुभते हुए सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, “ये गट्टू है कौन जो सरकार पर भारी पड़ रहा है? आखिर कौन है वो ताक़त, जिसके आगे सरकार की ज़ुबान बंद है?” हरीश रावत का यह बयान सीधे तौर पर उस कथित वीआईपी की ओर इशारा करता है, जिसके कारण पूरे मामले में अब तक सच्चाई सामने नहीं आ पाई है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के उस बयान पर भी कड़ा पलटवार किया, जिसमें उन्होंने सीबीआई जांच के लिए कोर्ट की शरण लेने की बात कही थी। हरीश रावत ने सवालिया लहजे में कहा कि क्या भाजपा प्रदेश अध्यक्ष यह मान रहे हैं कि सरकार इतनी लाचार और बेबस हो चुकी है कि वह एक नारी के सम्मान और न्याय के लिए अपने स्तर पर कोई ठोस फैसला नहीं ले सकती? उन्होंने कहा, “अगर सरकार खुद को इतना मजबूर मानती है कि उसे कोर्ट के इशारे का इंतज़ार है, तो यह बहुत गंभीर बात है। अगर सरकार यह स्वीकार करती है, तो हम भी इस पर विचार करेंगे।”

हरीश रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी का मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं, बल्कि प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय से जुड़ा सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसी दबाव में काम कर रही है और सच्चाई को सामने आने से रोकने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस इस लड़ाई को तब तक जारी रखेगी, जब तक अंकिता को इंसाफ नहीं मिल जाता।

पैदल मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “अंकिता को न्याय दो”, “सीबीआई जांच कराओ”, “भाजपा सरकार जवाब दो” जैसे नारे लगाकर सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया। कांग्रेस की मांग है कि इस पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज की निगरानी में सीबीआई से कराई जाए, ताकि किसी भी स्तर पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ न हो और दोषियों को सख्त सज़ा मिल सके।

न्याय यात्रा में कांग्रेस के कई वरिष्ठ और युवा नेता मौजूद रहे। प्रमुख रूप से पूर्व विधायक रामयश सिंह, लोकसभा प्रत्याशी वीरेंद्र रावत, वरिष्ठ कांग्रेस नेता संजय पालीवाल, प्रदीप चौधरी, सोम त्यागी, अखिल त्यागी, अरविंद शर्मा, महिला जिलाध्यक्ष अंजू मिश्रा, महानगर अध्यक्ष लता जोशी, अंजू द्विवेदी, ब्लॉक अध्यक्ष विकास चंद्रा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज सैनी, राजीव भार्गव, पार्षद महावीर वशिष्ठ, रचना शर्मा, नलिनी दीक्षित, एनएसयूआई महानगर अध्यक्ष याज्ञिक वर्मा, आशु भारद्वाज, मार्कण्डेय सिंह, गार्गी राय, मकबूल कुरैशी, वसीम सलमानी, अयान सैफी, दीपक टण्डन, पूर्व पार्षद उपेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे।

महिला नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी इस यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि समाज की हर बेटी के सम्मान से जुड़ा सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर सरकार आज भी चुप रही, तो यह चुप्पी आने वाले समय में और भी गंभीर अपराधों को जन्म दे सकती है।

कांग्रेस नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कि यह लड़ाई सड़कों से लेकर सदन और अदालत तक लड़ी जाएगी। जब तक अंकिता भंडारी को पूरा इंसाफ नहीं मिल जाता और इस हत्याकांड से जुड़े हर गुनहगार का पर्दाफाश नहीं हो जाता, तब तक कांग्रेस चैन से नहीं बैठेगी। हरिद्वार की धरती से उठी यह आवाज़ अब पूरे प्रदेश में गूंजेगी — यही कांग्रेस का संकल्प है।


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