उसूलों के सौदागर नहीं आवाज़ थे मजलूमों की ! अम्बरीष कुमार की जयंती के मौक़े पर लोकतंत्र और इंसाफ़ का बुलंद पैग़ाम
रिपोर्ट- मौ. गुलबहार गौरी
हरिद्वार। 17 दिसंबर 25, जिला महानगर कांग्रेस कमेटी हरिद्वार और अम्बरीष कुमार विचार मंच के मुश्तरका आयोजन में पूर्व विधायक मरहूम श्री अम्बरीष कुमार जी की जयंती के मौके पर एक पुरअसर और बामकसद विचार गोष्ठी का इनइक़ाद किया गया। इस मौके पर मरहूम नेता को गुलपोशी कर खिराज-ए-अक़ीदत पेश की गई। यह गोष्ठी महज़ एक रस्मी श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रही, बल्कि अम्बरीष कुमार जी के वैचारिक संघर्ष, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक इंसाफ़ के लिए उनके तमाम उम्र किए गए संघर्ष को याद करने और उससे रहनुमाई हासिल करने का अहम मंच साबित हुई। गोष्ठी की सदारत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सोम त्यागी ने की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक शर्मा ने अपने ख़िताबी भाषण में कहा कि अम्बरीष कुमार जी की ज़िंदगी जद्दोजहद, उसूलों और बेखौफ़ सियासत की मिसाल है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब हुकूमत अपने सत्ता के नशे में संविधान और लोकतंत्र की रूह को कुचलने की कोशिश कर रही है और हर तरह के गैर-नैतिक हथकंडे अपनाए जा रहे हैं, ऐसे हालात में अम्बरीष कुमार जी की ज़िंदगी और उनकी सोच से सबक लेना बेहद ज़रूरी हो गया है। आलोक शर्मा ने दो टूक कहा कि अम्बरीष जी ने कभी सत्ता के आगे सर नहीं झुकाया और हमेशा अवाम के हक़, इंसाफ़ और लोकतांत्रिक क़द्रों की हिफ़ाज़त के लिए डटे रहे।
मुख्य वक्ता रजनीकांत शुक्ला ने अम्बरीष कुमार जी के सियासी सफ़र पर रोशनी डालते हुए कहा कि उनका राजनीतिक जीवन कामयाबियों और ईमानदार कोशिशों से भरा रहा। उन्होंने याद दिलाया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में पहली बार चुने जाने पर अम्बरीष कुमार जी को “सर्वश्रेष्ठ विधायक” का खिताब दिया गया था, जो न सिर्फ़ उनकी काबिलियत का, बल्कि हरिद्वार के लिए भी फ़ख़्र और इज़्ज़त की बात है। यह सम्मान उनके जनसेवा के जज़्बे, साफ़-सुथरी छवि और अवाम के प्रति उनकी जवाबदेही का सुबूत था।
जिला महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमन गर्ग और स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मुरली मनोहर ने कहा कि अम्बरीष कुमार जी का पूरा जीवन महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, डॉ. भीमराव अम्बेडकर और डॉ. राममनोहर लोहिया की विचारधारा को समर्पित रहा। उन्होंने समाजवाद, बराबरी और सामाजिक न्याय के उसूलों को सिर्फ़ भाषणों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें अपने अमल और किरदार में उतारकर दिखाया।
पूर्व प्रदेश महासचिव वरुण बालियान और महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष संतोष चौहान ने कहा कि अम्बरीष कुमार जी की ज़िंदगी इस बात की तालीम देती है कि सियासत का असल मक़सद खिदमत है, हुकूमत नहीं। उन्होंने कहा कि आज की नौजवान नस्ल को चाहिए कि वह अम्बरीष जी के दिखाए रास्ते पर चलकर मुल्क और समाज की रहनुमाई करे और लोकतांत्रिक क़द्रों की हिफ़ाज़त में अपना किरदार अदा करे।
वरिष्ठ नेता मनोज सैनी और श्रीगोपाल नारसन ने कहा कि अम्बरीष कुमार जी उम्र भर धर्मनिरपेक्ष ताक़तों के सच्चे अलंबरदार रहे। उन्होंने कभी अपने उसूलों से समझौता नहीं किया और हर हाल में साम्प्रदायिक सोच और नफ़रत की सियासत के ख़िलाफ़ डटे रहे। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष सुरेंद्र सैनी और व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष संजीव नैय्यर ने भी खिराज पेश करते हुए कहा कि अम्बरीष कुमार जी वैचारिक मजबूती और साफ़गोई की मिसाल थे, जिन्होंने तमाम उम्र साम्प्रदायिक ताक़तों से कोई समझौता नहीं किया।
यूनियन अध्यक्ष मुकुल जोशी और श्रमिक नेता राजेंद्र चुटैला ने कहा कि अम्बरीष कुमार जी की ज़िंदगी मज़दूरों, सफ़ाई कर्मचारियों और शोषित तबक़ों के लिए वक़्फ़ रही। उन्होंने कई आंदोलनों की क़यादत की और सड़क से सदन तक मज़दूरों की आवाज़ को बुलंद करते हुए उनके हक़ और हुक़ूक़ की लड़ाई लड़ी।
पूर्व पार्षद कैलाश भट्ट और वरिष्ठ नेता बलराम गिरी कड़क ने कहा कि अम्बरीष कुमार जी ने धर्म और जाति की तफ़रीक़ से ऊपर उठकर समाज को इंसानियत और भाईचारे का पैग़ाम दिया। उनके जीवन का हर लम्हा सामाजिक समरसता और इंसाफ़ की मिसाल है।
गोष्ठी के दौरान प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौधरी और पूर्व अध्यक्ष रामचंद्र कनौजिया को शाल ओढ़ाकर इज़्ज़त अफ़ज़ाई की गई। कार्यक्रम में पूर्व विधायक रामयश सिंह, महेश प्रताप राणा, राजबीर सिंह, इरफान अंसारी, इसरार अहमद, नईम कुरैशी, राजीव पाराशर, भगवती प्रसाद सेमवाल समेत बड़ी तादाद में कांग्रेस कार्यकर्ता, सामाजिक और श्रमिक संगठनों के नुमाइंदे, महिलाएं और गणमान्य शख़्सियतें मौजूद रहीं।
अख़ीर में तमाम वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि अम्बरीष कुमार जी की यादें महज़ अतीत का हिस्सा नहीं, बल्कि आज और आने वाले कल के लिए एक रोशन चिराग़ हैं, जिनकी रौशनी में चलना हम सबकी ज़िम्मेदारी है।