बैंक कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल, 5 दिन के बैंकिंग सप्ताह समेत कई मांगों को लेकर यूनियनों का ऐलान।
रिपोर्ट-मौ.गुलबहार गौरी
रुड़की।22 सितंबर 2026-बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की यूनियनों ने अपनी मुख़्तलिफ़ मांगों को लेकर देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। यूनियनों का कहना है कि बैंक मुलाज़मीन से जुड़े कई अहम मसले लंबे अरसे से लंबित हैं, जिन पर सरकार और बैंक प्रबंधन को संजीदगी से गौर करते हुए जल्द फ़ैसला लेना चाहिए।
हड़ताल के प्रमुख मुद्दों में 5 दिन का बैंकिंग सप्ताह लागू करना शामिल है। बैंक कर्मचारी संगठनों की मांग है कि सभी शनिवार को अवकाश घोषित किया जाए। मौजूदा व्यवस्था में दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं, जबकि बाकी शनिवार को काम होता है। यूनियनों का कहना है कि 5 दिन का बैंकिंग सप्ताह लागू करने की सिफारिश पहले ही की जा चुकी है, लेकिन इस पर अंतिम अमल का इंतज़ार है।
इसके अलावा Performance Linked Incentive (PLI) को लेकर भी बैंक यूनियनों में एतराज़ है। यूनियनों का कहना है कि कर्मचारियों के वेतन और सेवा शर्तों को प्रदर्शन आधारित व्यवस्था से जोड़ने के बजाय मौजूदा वेतन समझौते और सेवा नियमों के मुताबिक़ व्यवस्था को बरक़रार रखा जाए। सरकार की ओर से PLI योजना को फिलहाल स्थगित किए जाने की जानकारी दी गई है।
बैंक कर्मचारियों की मांगों में पेंशन में संशोधन एवं अपडेट, महंगाई भत्ते से जुड़े मामलों का समाधान, NPS के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में शामिल होने का विकल्प, मेडिकल इंश्योरेंस, पर्याप्त स्टाफ की भर्ती और बढ़ते कार्यभार को कम करने जैसे मुद्दे भी शामिल हैं।
यूनियनों का कहना है कि बैंकिंग व्यवस्था पर लगातार बढ़ते काम के बावजूद कर्मचारियों की संख्या और सुविधाओं से जुड़े मसलों का मुकम्मल समाधान नहीं हो पाया है। इसी के चलते 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया गया है। इसके बाद 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का नोटिस भी दिया गया है।
हड़ताल की स्थिति में बैंक शाखाओं का कामकाज प्रभावित होने के साथ नक़द निकासी, चेक क्लीयरेंस और अन्य शाखा संबंधी सेवाओं पर असर पड़ सकता है, जबकि डिजिटल बैंकिंग, UPI और ATM सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की संभावना है, हालांकि स्थानीय स्तर पर कुछ सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।